
,संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा ✅ गढ़वा।अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ गढ़वा प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजय कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई, जिसमें बालू माफियाओं की बड़ी चालाकी का भंडाफोड़ हुआ है। जांच के आधार पर कुल 13 ट्रैक्टरों को चिन्हित कर जिला खनन विभाग को आगे की कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दौड़ रहे थे तीन ट्रैक्टर
जांच के दौरान प्रशासन के सामने एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाली अनियमितता आई है। सड़कों पर दौड़ रहे तीन अलग-अलग ट्रैक्टरों पर एक ही पंजीकरण संख्या (रजिस्ट्रेशन नंबर) अंकित पाई गई। इस धोखाधड़ी के सामने आने के बाद वाहन स्वामित्व और परिवहन नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। एसडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए इन संबंधित वाहनों की विस्तृत जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बिना नंबर के भी मिले कई वाहन
सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में यह भी देखा गया कि बालू का परिवहन कर रहे कई ट्रैक्टर बिना किसी पंजीकरण संख्या के ही सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे थे। नंबर प्लेट गायब होने के कारण फिलहाल उनकी पहचान सुनिश्चित करने में बाधा आ रही है, लेकिन प्रशासन उनकी तलाश में जुटा है।
रात में होने वाली दुर्घटनाओं और अवैध खनन पर लगेगी लगाम
“अवैध खनन और बालू के अवैध परिवहन में शामिल तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य आधुनिक माध्यमों से हर मार्ग पर पैनी नजर रख रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बेहद कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य अवैध खनन को रोकने के साथ-साथ रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाना और क्षेत्र में विधि व्यवस्था दुरुस्त रखना है।”
— संजय कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, गढ़वा
प्रशासन की इस पैनी नजर और आधुनिक तकनीक (CCTV) के इस्तेमाल से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। खनन विभाग को सौंपी गई 13 ट्रैक्टरों की सूची के बाद अब विभाग द्वारा भारी जुर्माने और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।











